समाजिक समझ एवं बौद्धिक विकास हेतु आवश्यक है रंगमंच - गिरजा शंकर

REWA NEWS: मंडप सांस्कृतिक शिक्षा कला केंद्र के कलाकारों के साथ बात करते हुए वरिष्ठ रंग समीक्षक, गिरजा शंकर ने कहा कि रंगमंच और इसकी गतिविधियों से सामाजिक तथा बौद्धिक उन्नति होती है। 28 अप्रैल को स्थानीय पत्रकार भवन में भोपाल से आए वरिष्ठ पत्रकार, कला समीक्षक तथा राजनीतिक विश्लेषक गिरजा शंकर मिश्र ने नवोदित कलाकरों के साथ अपने अनुभव साझा किए । बतादें की गिरजा शंकर देश के प्रख्यात कलमकारों की सूची में शामिल हैं ।
मण्डप सांस्कृतिक शिक्षा कला केंद्र की रंगमंचीय विकास योजना के अंतर्गत समय-समय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की जाती हैं । जिसके क्रम में ही आज देश के प्रमुख रंग समीक्षक एवं वरिष्ठ पत्रकार गिरिजा शंकर की मास्टर क्लास हुई । इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकार राजमणि तिवारी ने 'रंग कुटुंब' प्रतीक चिन्ह एवं पुस्तक भेट कर अतिथि वक्ता का स्वागत किया । ततपश्चात बघेलखंड के लोकनृत्य दुल्दुल घोड़ी की प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत हुई । जिसे राजवीर तिवारी और रत्नेश गोस्वामी ने प्रस्तुत किया ।
बचपन की यादें:-
मास्टर क्लास में चर्चा के दौरान अतिथि वक्ता गिरजा शंकर ने अपने बचपन के रंगमंच और आज के रंगमंच की विकास यात्रा के बारे मे जानकारी बताया । उन्होंने यह बताया कि जब वो छः वर्ष के थे तो उन्होंने साहित्य की किताब किसी कबाड़ी से खरीद कर पढ़ी थी । बचपन मे साहित्य से जो लगाव हुआ वो निरंतर आज तक बना हुआ है ।
सवालों के जबाव:-
इस बातचीत के दौरान उन्होंने नवोदित कलाकारों के सवालों के जवाब भी दिए । इस दौरान रंगकर्म तथा अन्य सामाजिक मुद्दों के लिए जिज्ञासा कलाकारों के भीतर देखते बनती थी । अतिथि वक्ता ने यह भी कहा की रंगमंच समाजिक समझ और बौद्धिक विकास के लिए बहुत जरुरी है ।
कार्यक्रम के दौरान मण्डप के सचिव विनोद कुमार मिश्रा एवं संस्था के कलाकार उपस्थित रहे जिसमे शुभाष गुप्ता, रमजान खान, अजय, मोहित, दिव्यांशु, आदर्श, बादल, प्रसून, अमर, कुलदीप, वैष्णवी द्विवेदी, श्रुति, साक्षी, तरुण, अंशिका, कालीपुत्र, वरुण, दिया, मुकुल, प्रफुल्ल, ओंकार आदि उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम के अंत मे सचिव विनोद मिश्रा ने कहा कि गिरिजा शंकर जी का आना हमारे लिए हर्ष का विषय है । आपका मार्गदर्शन नवोदित कलाकारों के साथ हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है । गिरिजा शंकर जी अपने व्यस्ततम कार्यक्रम से समय निकाल के, हम कलाकारों के बीच आए इस हेतु हम आभारी हैं ।