माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय रीवा परिसर में विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन.

“वर्तमान परिदृश्य में टीवी पत्रकारिता’ पर व्याख्यान-:
आधुनिक एवं उत्कृष्ठ शिक्षण के लिए विख्यात माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के रीवा परिसर में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु व्याख्यान कार्यशाला तथा गोष्ठी का आयोजन समय-समय पर होता रहता है, इसी अनुक्रम में रीवा परिसर के अकादमिक प्रभारी सूर्यप्रकाश के मार्गदर्शन में दिनांक 29 अगस्त 2023 दिन सोमवार को विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ, जिसका विषय ‘वर्तमान परिदृश्य में टीवी पत्रकारिता’ रहा । इस विशेष व्याख्यान में बतौर विषय विशेषज्ञ ‘रिपब्लिक भारत’ (R.भारत) के वरिष्ठ पत्रकार तथा एंकर शुभम पाण्डेय उपस्थित रहे ।
टीम वर्क से बनती अच्छी खबर-:
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्विद्यालय में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बतौर मुख्यवक्ता शुभम पांडेय ने टेलीविजन पत्रकारिता की आधुनिक कार्यशैली, नैतिकता तथा मौजूदा ट्रेंड्स से जुड़ी जानकारी से सभी को अवगत करवाया । उन्होने अपने वक्तव्य में ही कहा कि आप जो न्यूज समाचार चैनलों पर देखते हैं वह किसी एक व्यक्ति से निर्मित नही होती बल्कि उसके पीछे कई लोगों की टीम मेहनत करके उसको आप तक पहुंचाती है । इस टीम में अनेक विधा के जानकार शामिल होते हैं जैसे- स्क्रिप्ट राइटर, कैमरामैन, एडिटर, रिसर्चर, रिपोर्टर जैसे अनेक व्यक्तियों द्वारा समाचार निर्मित कर आप तक पहुंचाया जाता है ।
समाचार के लिए यह सबसे जरूरी बात-:
समाचार के सभी प्रारूप में सभी माध्यम में एक जरूरी सिद्धांत ध्यान रखा जाता है, इसके बिना समाचार पूर्ण नही होता । प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, कोई भी फार्मेट हो उसका समाचार पूर्ण तभी माना जाता है जब उसमें छः ककार के सिद्धांत का पालन किया गया हो।
निर्धारित समय, प्रारूप, डेडलाइन का रखें ध्यान-:
मुख्य वक्ता ने ही बताया कि पत्रकार को हमेशा सजग रहने की आवश्यकता है क्योंकि टेलीविजन में डेड लाइन कब मिनिट से सेकेण्ड् में बदल जाती पता भी नही लगता । टेलीविजन समाचारों की प्रस्तुति में दोहराव से बचना आवश्यक है । युवा साथियों को यह भी बताना चाहूंगा कि एक प्रकार के वीडियों को अलग-अलग एंगिल से तथा फॉर्मेट में दिखाने का हुनर टीवी पत्रकार में होना चाहिए बात सरल शब्दों में हो तो और भी प्रभावी होती है ।
तथ्यों की जांच जरूरी-:
न्यूज में मॉस और क्लास महत्वपूर्ण होते हैं अतः यह ध्यान रखनें कि आवश्यकता हैं कि विश्वशनीय सूत्रों तथा माध्यमों की पुष्टि के बिना कोई भी खब़र प्रसारित करने से बचना चाहिए।
वक्त के बदलाव के साथ ढलने के हुनर भी जरूरी-: डॉ.संदीप भट्ट
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. संदीप भट्ट ने अपने वक्तव्य में कहा कि सभी विद्यार्थियों को सीखने का यह बेहतर अवसर है, सीखने की उम्र कभी समाप्त नही होती समय के साथ अपडेट रहना और सीखते रहना जरूरी है यदि पिछले 25 से 30 सालों की पत्रकारिता के दौर को देखें तो टेलीविजन ने अपने को विकसित करते हुए जन-जन के बीच स्थापित भी किया विशेष रूप से समाचार चैनलों ने स्वयं को अपडेट करते हुए जन-जन को जागरूक किया है । समाचार बताए जाने का समय एक से डेढ़ मिनिट तक जा पहुंचा है । ऐसे में वक्त के बदलाव के साथ ढलने का गुण ही विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
इस विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का संचालन मीडिया परिसर के सहायक प्राध्यापक कपिल देव प्रजापति ने किया तथा आभार प्रदर्शन राकेश येगल ने किया। इस व्याख्यान के दौरान शिक्षक नीरज तिवारी, विनोद दुबे, कुष्णकुमार सक्सेना, तान्या गुप्ता, अंजली त्रिपाठी, सुमन मिश्रा सहित जनसंचार एवं पत्रकारिता के समस्त विद्यार्थी भी उपस्थित रहे ।