रीवा रंग महोत्सव 2023 : आधे-अधूरे नाट्य प्रस्तुति के नाम रहा रीवा रंग महोत्सव का दूसरा दिन

मोहन राकेश द्वारा लिखित नाटक आधे अधूरे हिंदी के श्रेष्ठ नाटको में शामिल है । मध्यमवर्गीय परिवार की आंतरिक कलह और उलझते रिश्तों के साथ स्त्री-पुरूष के बीच बदलते हालात की मार्मिक कहानी बयां करता यह नाटक दर्शकों में प्रभाव छोड़ने वाला है ।

रीवा रंग महोत्सव 2023 : आधे-अधूरे नाट्य प्रस्तुति के नाम रहा रीवा रंग महोत्सव का दूसरा दिन

Rewa Rang Mahotsav 2023:कला का कर्तव्य अपने दौर में जरूरी हस्तक्षेप करना है । रंगकर्म जनचेतना के निर्माण में महती भूमिका अदा करता है । आजादी के अमृत महोत्सव अंतर्गत रीवा रंग महोत्सव 2023 का आयोजन प्रयास रंग समूह रीवा द्वारा कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में किया जा रहा है । मंगलवार की शाम रीवा रंग महोत्सव के द्वितीय दिवस दीप प्रज्वलन के साथ शुरुआत हुई । इस दौरान जयराम शुक्ल, चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी चन्द्र,अशोक सिंह,शत्रुघ्न सिंह, अजय खरे, सहित वरिष्ठ जन अतिथि के रूप में उपस्थित रहे ।

रीवा रंग महोत्सव के द्वितीय दिवस मुम्बई से आए कलाकार राजेन्द्र सोनी ने अपने उद्बोधन में  कहा कि नाट्य कला, रंग मंच अपने विविध रंगों के साथ बेहतर मनोरंजन उपलब्ध करवाता है । रीवा रंग महोत्सव में  एक ओर हम कला साहित्य को संरक्षित कर रहे हैं तो दूसरी ओर यहाँ हमारे शहर में विश्वस्तरीय कृतियों का जीवंत रूप भी देखने को मिल रहा है।  प्रयास रंग समूह एवं उनके सभी सहयोगी बधाई के पात्र हैं जो अथक परिश्रम कर के आयोजन सफल बनाने में लगे हैं । विशेषकर इनके अगुआ और प्रयास के संस्थापक हीरेन्द्र सिंह की जितनी तारीफ की जाए कम है । हमारे शहर में 40 वर्षों से भी ज्यादा अवधि से ये सक्रिय हैं । इन्होंने अनेक कलाकरों को तैयार किया । अब फिर से रीवा रंग महोत्सव के द्वारा शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों को शक्ति सम्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं।  

आधे-अधूरे-: रीवा रंग महोत्सव के द्वितीय दिवस मोहन राकेश कृत नाटक "आधे अधूरे" का सफल मंचन हुआ । इप्टा रीवा के द्वारा तैयार प्रस्तुति का निर्देशन शैलेंद्र द्विवेदी ने किया । नाटक का अभिनय पक्ष बेहतर रहा । जिसमे  सावित्री की भूमिका में  रंजना बंसल ने कमाल किया । वहीं महेंद्र नाथ के रूप में सुमन सिंह ने अपनी छाप छोड़ी है । आधे अधूरे नाटक के निर्देशक शैलेंद्र द्विवेदी ने अपने रंग अनुभव भरपूर प्रदर्शन करते हुए नाटक को दर्शकों के लिए तैयार किया । संगीत पक्ष में सुशील शर्मा का बेहतर समायोजन रहा । ध्वनि एवं प्रकाश परिकल्पना शैलेन्द्र द्विवेदी की रही । 

कथा सार-: मोहन राकेश द्वारा लिखित नाटक आधे अधूरे हिंदी के श्रेष्ठ नाटको में शामिल है । मध्यमवर्गीय परिवार की आंतरिक कलह और उलझते रिश्तों के साथ स्त्री-पुरूष के बीच बदलते हालात की मार्मिक कहानी बयां करता यह नाटक दर्शकों में प्रभाव छोड़ने वाला है ।
पात्र परिचय-: 
मंच पर- सावित्री- रंजना बंसल, महेन्द्रनाथ-सुमन सिंह, बिन्नी-सीमा रानी झा,किन्नी-उत्तरा द्विवेदी, अशोक-जय सिंह चंदेल,सिंघानिया-डॉ.विद्या प्रकाश तिवारी, जगमोहन-  अमर द्विवेदी, जुनेजा-ज़ीशान खान, 
मंच परे-: संगीत-सुशील शर्मा । सेट-ज़ीशान खान ,जय, अमर । ध्वनि एवं प्रकाश-शैलेन्द्र द्विवेदी, कॉस्ट्यूम-रंजना,सीमा ,कविता, मेकप-उत्तरा ।

पूर्व रंग-: रीवा रंग महोत्सव में नाट्य प्रस्तुति से पहले पूर्व रंग अंतर्गत आकशवाणी के कलाकार राजेन्द्र प्रसाद सक्सेना ने हार्मोनिका की मधुर धुन से सभागार को गुंजित किया ।
रीवा रंग महोत्सव में तृतीय दिवस दो नाट्य प्रस्तुति होंगी । जिसमे प्रातः 11.30 से नाटक "महापंडित केशव" का मंचन होगा ।  प्रयास रंग समूह की  प्रस्तुति का निर्देशन राजेश शुक्ला ने किया है । तृतीय दिवस शाम को 6.21  बजे से नाटक "भगवदज्ज्कीयम" का मंचन होगा । बोधायन रचित इस नाटक के, निर्देशक आदेश सिंह हैं । रीवा रंग महोत्सव की सभी प्रस्तुति दर्शकों हेतु निःशुल्क हैं । रीवा रंग महोत्सव में मंच संचालन सत्येंद्र सिंह सेंगर ने किया । अपने संचालन कौशल से इन्होंने आयोजन में नया रंग जोड़ने का काम किया । आयोजन में प्रयास रंग समूह के संगी-साथी  प्रशान्त सिंह, शैलेन्द्र कुशवाहा, संयोजक अनीश शुक्ल,दीपेश्वर सिंह, विजयानन्द त्रिपाठी ,शालिवाहन सिंह आदि सतत सक्रिय दिखे ।